मैं किसे बताऊँ, और कब?
जिसे आप चाहें, जब आप तैयार हों। यह आपकी जानकारी है। कुछ लोग पहले हफ़्ते में सबको बता देते हैं। कुछ महीनों तक एक ही व्यक्ति को बताते हैं। दोनों सामान्य हैं।
अगर मदद मिले, तो अगली मुलाक़ात पर किसी को लाइए और हमें समझाने दीजिए। फिर घर पर हमारी बात दोहराने का बोझ आप पर नहीं रहेगा।
दो डॉक्टरों ने लिखा। अमेरिका के नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट और कैंसर रिसर्च यूके की मरीज़ों के लिए दी गई जानकारी से मिलाकर जाँचा गया। अंग्रेज़ी कार्ड से अनुवादित। हिंदी जानने वाले किसी चिकित्सक से इस अनुवाद की समीक्षा करवाने की योजना है।