सूचित सहमति असल में क्या है?
यह वह स्थिति है कि आप सचमुच समझ गई हैं कि आप किस बात के लिए राज़ी हो रही हैं। दस्तख़त सिर्फ़ रसीद है। अगर आपने दस्तख़त कर दिए पर समझा नहीं, तो सहमति अभी हुई ही नहीं।
यह एक पल भी नहीं है। यह चलता रहता है। ट्रायल के दौरान कुछ बदल सकता है जो आपके इसमें बने रहने के फ़ैसले को प्रभावित करे। ऐसा हो तो हमें लौटकर आपको बताना होगा।
दो डॉक्टरों ने लिखा। अमेरिका के नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट और कैंसर रिसर्च यूके की मरीज़ों के लिए दी गई जानकारी से मिलाकर जाँचा गया। अंग्रेज़ी कार्ड से अनुवादित। हिंदी जानने वाले किसी चिकित्सक से इस अनुवाद की समीक्षा करवाने की योजना है।